*८५५ . ॥ वृत्तम् ॥*
*आदित्यचन्द्रावनिलानलौ च*
*द्यौभूमिरापो हृदयं यमश्च ।*
*अहश्च रात्रिश्च उभे च संध्ये*
*धर्मश्च जानाति नरस्य वृत्तम् ॥*
सूर्य , चंद्र , वायु , अग्नि , आकाश , पृथ्वी , जल , आपले अंतःकरण , यम , दिवस , रात्र , सकाळ संध्याकाळचा संधिप्रकाश आणि धर्म या सर्वांना मनुष्याचे बरे-वाईट कृत्य समजते .
सूर्य , चन्द्रमां , वायु , अग्नि , आकाश , पृथ्वी , जल , हृदय , यमराज , दिन , रात , दोनों सन्ध्याएं और धर्म ये सभी मनुष्य के भले-बुरे व्यवहारको जानते हैं ।
The Sun , the Moon , Wind , Fire , Sky , Earth , Water , our Heart , _Yam_, Day , Night , Morning and Evening Twilight and _Dharm_, all these know about the good and bad deeds of a person .
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