Wednesday, June 12, 2019

Atharva veda

📖 *श्रुतिदर्शन...........................*✍
                [ वचने का दरिद्रता ]
*जाया पत्ये मधुमतीं वाचं वदतु शन्तिवाम्।*
*अनुव्रत: पितु: पुत्रो मात्रा भवतु संमना:।*
              ( अथर्व० ३|३०|२ )
📝 *भावार्थ* 👉🏾 पति-पत्नी परस्पर मधुर वचन बोलें। पुत्र का कर्तव्य है कि वह पिता का *आज्ञाकारी* हो और माता का *आदर करे।*
         💐👏🏾 *सुदिनम्* 👏🏾💐

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