Tuesday, December 11, 2018

Hearing-Sanskrit subhashitam

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*श्रुत्वा धर्मं विजानाति श्रुत्वा त्यजति दुर्मतिम्।*
*श्रुत्वा ज्ञानमवाप्नोति श्रुत्वा मोक्षमवाप्नुयात्।।*

भावार्थ -शास्त्र-चर्चा, विद्वानों द्वारा प्रवचन आदि को श्रद्धा एवम् मनोयोग पूर्वक श्रवण करने तथा उसके अनुसार आचरण करने से धर्मं का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति होती है।
🙏🏻💐🙏🏻 *आपका आज का दिन परम् प्रसन्नता से परिपूर्ण रहे, ऐसी शुभकामना *🙏🏻💐🌺🌸🌷💐🌺🌸🌷💐🌺🌸

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