Monday, August 27, 2018

Shiva -Sanskrit sloka

*तीर्थे तीर्थे निर्मलः ब्रह्मवृन्दः*
*वृन्दे वृन्दे तत्त्वचिन्तानुवादः।*
*वादे वादे जायते तत्त्वबोधो*
*बोधे बोधे भासते चन्द्रचूडः॥*

हर तीर्थ में पुण्यात्मा ब्राह्मणो के समुदाय बसते है।हर ब्रह्मवृन्द में
तत्त्वचिन्तन चलता है। वाद-वाद मे तत्त्व का बोध होता है। और बोध होते
होते उससे शिव का प्रकाशन होता है।

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