Tuesday, June 12, 2018

Sanskrit subhashitam

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*क्षमः यशः क्षमा दानं क्षमः यज्ञः क्षमः दमः ।*
*क्षमा हिंसा: क्षमा धर्मः क्षमा चेन्द्रियविग्रहः ॥*

क्षमा ही यश है क्षमा ही यज्ञ और मनोनिग्रह है ,अहिंसा धर्म है। और इन्द्रियों का संयम क्षमा के ही स्वरूप है क्योंकि क्षमा ही दया है और क्षमा ही पुण्य है क्षमा से ही सारा जगत् टिका है अतः जो मनुष्य क्षमावान है वह देवता कहलाता है। वही सबसे श्रेष्ठ है।

Forgiveness is the achievement. Forgiveness is sacrifice and mentality, non-violence is religion. And the restraint of the senses is a form of forgiveness, because forgiveness is mercy and forgiveness is virtuous, forgiveness is the whole world, therefore the person who is forgiven is called a God. That's the best one.
🙏🏻💐🙏🏻 *आपका आज का दिन परम् प्रसन्नता से परिपूर्ण रहे, ऐसी शुभकामना *🙏🏻💐🌺🌸🌷💐🌺🌸🌷💐🌺