Tuesday, January 14, 2020

Use these things carefully- Sanskrit Subhashitam

|| *ॐ* ||
               " *सुभाषितरसास्वादः* "
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           " *व्यवहारनीति* " ( ५५ )
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*श्लोक*----
"  विद्या , विद्युत् , वित्तं , वन्हिः,  जनौघ , जलौघ विकाराः ।
नियोजिता कामधू , पीडिता  आशु- मुक्ताः अतिहानिकारकाः "।।
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  *अर्थ*----
विद्या , वीज , पैसा ,  अग्नि ,  पानी  और  जनसमुदाय  इनका  नियोजनपूर्वक  उपयोग  किया  तो  ही  वह  फायदेशीर  होता  है ।
उनको  अगर  दबा  के  रखेंगे  और  एकदम  से  छोडेंगे  तो  वह  हानिकारक  होता  है ।
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*गूढ़ार्थ*-----
उपर  उल्लेखित  छह  चीजें शक्तिरूप  है । उनके  उपर  नियंत्रण  करके  और  योग्य  मार्ग से  इनका  उपयोग  किया  जाय  तो  इनकी  शक्ति से  बडे से बडा  कार्य  भी  संपन्न  कर  सकते  है ।   और  एकसाथ  इनको  रोक  कर  रखा  और  फिर  एकदम  से  छोड़ा  तो ज्यादा  शक्ति  एकत्र होने  के कारण  और  फिर  नियंत्रण  न  रहने  के  कारण  इनकी  तीव्रता  बढ जाती  है  और  फिर  यह  सब  चीजे  हानीकारक  हो  जाती  है ।
वीज ,अग्नी  , पानी  और  जनसमुदाय  इन  चीजों  का  प्रभाव  तत्काल  दिखाई  पडता  है ।  विद्या  और  पैसा  इनके  बारे  में  सौम्यत्वसे  पता  चलता है ।
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*卐卐ॐॐ卐卐*
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डाॅ. वर्षा  प्रकाश  टोणगांवकर 
पुणे /   महाराष्ट्र 
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