Thursday, January 30, 2020

Sanskrit puzzle

|| *ॐ* ||
              " *सुभाषितरसास्वादः* "
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" *प्रहेलिकाः* " ( कोडे ) ( ६८ )
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*श्लोक*----
" वृक्षाग्रवास्यामि  न  पक्षिराजः
बहूनि  नेत्राणि  न  चास्मि  शक्रः ।
श्रीरामपत्न्याश्च  दधेऽभिधानं
हेमन्तकाले  उपभोगयोग्यम् "।।
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*अर्थ*---
वृक्ष  पर  रहता  हूँ  किन्तु  पक्षी  नही । बहूत  सारी  ऑखे  है  किन्तु  शक्र  नही  हूँ ।  श्रीराम  की  पत्नी  के  कारण   मुझे  नाम  मिला   है और  हेमन्त  ऋतु  में  मेरा  उपभोग  लिया  जाता  है।
तो  मैं  कौन  हूँ  ?
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*गूढ़ार्थ*----
 Sitafal  
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*卐卐ॐॐ卐卐*
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डाॅ. वर्षा  प्रकाश  टोणगांवकर 
पुणे /   महाराष्ट्र 
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