Friday, July 27, 2018

Happiness & sorrow-Sanskrit subhashitam

विदग्धा वाक्

सर्वं परवशं दुःखं सर्वमात्मवशं सुखम्।
एतद् विद्यात् समासेन लक्षणं सुखदुःखयोः ॥
--मनुस्मृतिः ४.१५९

पदविभागः--
सर्वं परवशं दुःखं सर्वम् आत्मवशं सुखम्। एतद् विद्यात् समासेन लक्षणं सुखदुःखयोः ॥

अन्वयः--
परवशं सर्वं दुःखं (भवति)। आत्मवशं सर्वं सुखं (भवति)। एतद् समासेन सुखदुःखयोः लक्षणं विद्यात् ॥

हिन्दी--
जो सब अन्यों के वश में होता है, वह दुःख है। जो सब अपने वश में होता है, वह सुख है। यही संक्षेप में सुख एवं दुःख का लक्षण है।

आङ्ग्लम्--
Dependence is sorrow. Self dependence is happiness. This discrimination shows the difference between happiness and sorrow.

--Subhashitha Samputa, Bharatiya Vidya Bhavan

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