Wednesday, July 25, 2018

GOD can do anything - stirs water without a vessel Sanskrit subhashitam

*विना भाण्डं विना कुण्डं, तावज्जलं सुरक्षति।*
*पश्यन्त्विन्द्रस्तथाकाशे, क्षित्या धातुन्न शक्यते।।*
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**डॉ.महावीरप्रसादसारस्वतः**
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          भगवान की विचित्र शक्ति को देखिए... वह विना बर्तन तथा विना किसी कुण्ड के भी आकाश में इतना जल रख लेते हैं जिसे पृथ्वी धारण करने में असमर्थ सी होने लगती है। बाढ के रूप में तबाही हमारे सामने होती है, उतने सारे जल को भगवान आकाश में कैसे रखते होंगे? हे प्रभो! आप धन्य हो, जय हो आपकी अवर्णनीय शक्ति की।💐💐💐

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