Tuesday, April 25, 2017

Think GOD always.. - Sanskrit subhashitam

विपदो   नैव   विपद:   संपदो   नैव   संपद:।
विपद् विस्मरणं विष्णो: सम्पन्नारायणस्मृति:॥

अर्थात्- विपत्ति यथार्थ में विपत्ति नहीं है, सम्पत्ति भी सम्पत्ति नहीं। भगवान का विस्मरण होना ही विपत्ति है और सदैव उनका स्मरण बना रहे, यही सबसे बड़ी सम्पत्ति है।

 🌺🌻💐🙏सुप्रभातम् 🙏💐🌺🌻

Adversity is forgetting GOD & Sampatti/property is thinking of HIM.

Krishna Premi anna used to say, sukham means thinking of GOD, dukham means forgetting HIM.